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निर्भर करता है कि वो किस चीज के लिए जाना जा रहा है

 इस दुनिया में हर इंसान की कभी न कभी ऐसी दिली ख्वाहिश रही है कि वो भी दुनिया में जाना जाए उसे भी लोग याद करें ∣

लेकिन इसके पीछे की वजह बहुत मायने रखती है कि उसे किस लिए जान जाएं इसे हम दो उदाहरण से समझ सकते हैं

एक व्यक्ति के द्वारा अपने देश आए व्यक्ति का सत्कार करना उसे हर चीज सुलभ रूप से उपलब्ध करना ऐसा करने से न केवल वो व्यक्ति बल्कि उसका देश भी जान जाएगा ∣

वहीं दूसरी तरफ एक व्यक्ति द्वारा दूसरे देश जाकर गलत कार्य करना न केवल उसकी बल्कि उसके देश की छवि को भी खराब कर देगा ∣

आज निर्भर हम पर करता है ∣ कि हम नेक काम के जरिये पहचाने जाते हैं ये अनुचित काम करके ∣




 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..