विज्ञापन की इस रंगबिरंगी दुनिया के बीच रहते हैं हम
सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक
उसकी दुनिया में ही खोए हुए रहते हैं हम,
भले कर दे नजर अंदाज उसे
फिर भी इससे अपना पीछा कहां छुड़ा पाते हैं हम,
पेटीएम से निकलकर
ओला तक हर एप का उपयोग कर अपने जीवन को आसान बनाते हैं हम,
अक्सर इस विज्ञापन के आकर्षण से
इतना आकर्षित हो जाते हैं हम
अपनी पसंद छोड़, दूसरी चीज लेने में
न हिचकिचाते है हम,
घड़ी आज भी है हमारी पहली पसंद
जैसे पहले इस्तेमाल करो, फिर विश्वास करो ं
से है हमारा भरोसा कायम,
जब बात आती है सफेदी की तो
सफेदी के आगे उजाला को ही आगे रखते हैं हम,
अमूल द टेस्ट ऑफ इंडिया
आज भी है हमारी पहली पसंद,
विज्ञापन की इस दुनिया से है हमारा दूर दूर तक का है वास्ता
इससे नहीं पीछा नहीं छुड़ा पाते हैं हम ∣
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