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विज्ञापन की रंगबिरंगी दुनिया के बीच हम



विज्ञापन की इस रंगबिरंगी  दुनिया के बीच रहते हैं हम
सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक
उसकी दुनिया में ही खोए हुए रहते हैं हम, 

भले कर दे नजर अंदाज उसे
फिर भी इससे अपना पीछा कहां छुड़ा पाते हैं हम, 
पेटीएम से निकलकर
ओला तक हर एप का उपयोग कर अपने जीवन को आसान बनाते हैं हम, 
 
अक्सर इस विज्ञापन के आकर्षण से
इतना आकर्षित हो जाते हैं हम
अपनी पसंद छोड़, दूसरी चीज लेने में
न हिचकिचाते है हम, 
घड़ी आज भी है हमारी पहली पसंद 
जैसे पहले इस्तेमाल करो, फिर विश्वास  करो ं
से है हमारा भरोसा कायम, 
जब बात आती है सफेदी की तो
सफेदी के आगे उजाला को ही आगे रखते हैं हम, 
अमूल द टेस्ट ऑफ इंडिया
आज भी है हमारी पहली पसंद, 

विज्ञापन की इस दुनिया से है हमारा दूर दूर तक का है वास्ता
इससे  नहीं पीछा नहीं छुड़ा पाते हैं  हम ∣ 




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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..