अक्सर हम कुछ फैसले दिल से लेने के चक्कर में गलती कर बैठते हैं ∣ जब उसका परिणाम आता है तब वहां हमारी सोच के बिल्कुल उलट आता है ∣ इसलिए जरूरी होता है भावना को अलग रखके तर्कसंगत होकर किसी निर्णय को लेना, जब हम ऐसा करते हैं तब हमारी भावना के अनुसार परिणाम आते हैं ∣
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