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अच्छी आदतें बनाना मुश्किल होता है



किसी भी चीज़ की आदत डालना मुश्किल हो जाता है ∣ जब बात आ जाएं उसे लंबे समय तक बनाएं रखने की,  ऐसे में थोड़ा परिश्रम करना जरूरी होता है ∣

इसलिए अच्छी आदतों को निरंतर बनाएं रखने के लिए गम्भीर होना जरूरी होता है ∣ इस पर कुछ लोग कह सकते हैं इसे तो वैसे ही बनाया जा सकता है इसके लिए गम्भीर होने जैसी क्या बात है ? 
तो आपको बता देना चाहूंगी, कि गंभीरता इसलिए जरूरी है क्योंकि अक्सर इंसान जब किसी बात को बहुत हल्का लेने लगता है तब एक वक्त ऐसा भी आता है कि लोग भी उसे हल्का लेने लगते हैं ∣ भले ही वो अपनी नजर में बहुत अच्छा हो किंतु सबको वो एक बनावटी इंसान लगता है जिसकी कथनी और करनी में बहुत अंतर होता है ∣ 

अगर अच्छी आदते ह़ोगी तो इंसान किसी और के लिए अच्छा हो या न हो पर वो अपने लिए एक आदर्श का रूप होता है ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..