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जब लाईट न हो

बचपन में जब लाइट नही रहती थी तब हम लोग एक मोमबत्ती जलाकर अपने छोटे भाई बहनों के साथ बैठकर भूत की कहानी का आनंद लिया करते थे  सब लोग मोमबत्ती ज्यादा खर्च न करने के उससे एक ही मोमबत्ती जलाकर  सबको साथ भोजन करने की नसीहत दे देते थे, जो हम सब को ओर नजदीक लाता था 


आज जब लाइट नही रहती तो हम  अपने फोन की लाइट से अपने काम को तो कर ही लेते हैं, साथ में हम लोग परिवार के साथ भी रखकर अलग रहते हैं आज हर चीज के मायने बदल गए हैं  फिर भी कभी कभी जब लाइट न होने पर एक पल के लिए सब एक साथ आते हैं तो उसका अपना आनंद होता है 






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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..