बचपन में जब लाइट नही रहती थी तब हम लोग एक मोमबत्ती जलाकर अपने छोटे भाई बहनों के साथ बैठकर भूत की कहानी का आनंद लिया करते थे ∣ सब लोग मोमबत्ती ज्यादा खर्च न करने के उससे एक ही मोमबत्ती जलाकर सबको साथ भोजन करने की नसीहत दे देते थे, जो हम सब को ओर नजदीक लाता था ∣
आज जब लाइट नही रहती तो हम अपने फोन की लाइट से अपने काम को तो कर ही लेते हैं, साथ में हम लोग परिवार के साथ भी रखकर अलग रहते हैं आज हर चीज के मायने बदल गए हैं ∣ फिर भी कभी कभी जब लाइट न होने पर एक पल के लिए सब एक साथ आते हैं तो उसका अपना आनंद होता है ∣
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