जब बात खुद पर आ जाएं तो अक्सर सिद्धांत को बदलने में देर नहीं लगती है ∣ जब धोखा खुद के साथ हो तो उसकी चोट कितनी गहरी है ये बात तब मालूम चलती है ∣
अक्सर कुछ लोग उस समय अपने सारे नियम कायदों पर विचार करना भूल जाते हैं ∣ जब बात उनके लाभ और सम्मान से जुड़ी हुई होती है ∣
किसी के कपड़े से लेकर उसके व्यवहार पर दोष लगाने में जरा भी वक्त नहीं लगता है हमें बुरी तो केवल खुद पर आ जाने में लगती है ∣
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