गांव की वो यादें



गांव जो हम सब की वो जगह होती है∣ जहां पर हम अपने आप को उन चीजों से जोड़ पाते हैं∣ जिन्हें हम शहर जाते समय ही छोड़ देते हैं∣ 
गांव की सबसे अच्छी अगर कोई बात होती है∣ तो वो यहीं हैं कि वहां इंसान पैसे से नहीं अपने व्यवहार से पहचाना जाता है∣ जहां हम सब का दिल बसता है∣

जहां पर लोगों के व्यवहार में गुड़ सी मिठास होती है∣ जो अपने काम के तरीके से जाना जाता है∣

इस बरसात में उसी गांव में बनी काबेलू की छत्त की देखरेख के लिए ही शहरवासी को एक बार अपने घर की शक्ल देखने जाना ही चाहिए जहां भले उसने अपना पूरा बचपन न जीया हो किन्तु असली बचपन उसने इस गांव में ही पाया है ये उसे याद रहे∣

वर्तमान समय में जहां लोग अच्छी सुख सुविधा के लिए गांव से शहर की ओर पलायन कर रहे हैं∣ वहीं दूसरी तरफ शहर के लोग सुकून की तलाश में ऐसे स्थान की तलाश में है∣ जहां वो प्रकृति के साथ जुड़े हो पर उन्हें शहरी जैसी थोड़ी व्यवस्था मिलें∣

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