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गांव की वो यादें



गांव जो हम सब की वो जगह होती है∣ जहां पर हम अपने आप को उन चीजों से जोड़ पाते हैं∣ जिन्हें हम शहर जाते समय ही छोड़ देते हैं∣ 
गांव की सबसे अच्छी अगर कोई बात होती है∣ तो वो यहीं हैं कि वहां इंसान पैसे से नहीं अपने व्यवहार से पहचाना जाता है∣ जहां हम सब का दिल बसता है∣

जहां पर लोगों के व्यवहार में गुड़ सी मिठास होती है∣ जो अपने काम के तरीके से जाना जाता है∣

इस बरसात में उसी गांव में बनी काबेलू की छत्त की देखरेख के लिए ही शहरवासी को एक बार अपने घर की शक्ल देखने जाना ही चाहिए जहां भले उसने अपना पूरा बचपन न जीया हो किन्तु असली बचपन उसने इस गांव में ही पाया है ये उसे याद रहे∣

वर्तमान समय में जहां लोग अच्छी सुख सुविधा के लिए गांव से शहर की ओर पलायन कर रहे हैं∣ वहीं दूसरी तरफ शहर के लोग सुकून की तलाश में ऐसे स्थान की तलाश में है∣ जहां वो प्रकृति के साथ जुड़े हो पर उन्हें शहरी जैसी थोड़ी व्यवस्था मिलें∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..