कहीं ऐसी कल्पना सच न हो जाए जहां

एक ऐसे कल की कल्पना करना मुश्किल है ∣ जिसमें न हमारे पास अच्छा खाना हो और न ही पीने के लिए पानी जब हमें जीने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़े ∣

पर अफसोस ये कल्पना अब सच होती हुई दिखाई दे रही है ∣ जहां पर कुछ गरीब देश दो वक्त की रोटी के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं ∣ जिसके कारण वो कुपोषण के शिकार हो रहे हैं ∣

आने वाले समय में जहां एक तरफ पृथ्वी पर लोगों की आबादी अधिक ह़ोगी वहीं दूसरी तरफ उनके खाने के लिए भोजन की कमी ह़ोगी जिसके निदान के लिए अभी से ठोस कदम उठाने की जरूरत है ∣
 जिसके लिए हमें ऐसे विकल्प खोजने की जरूरत है जिसमें इंसान खाद्यान्न के अलावा अन्य चीजों से अपना पेट भर सके, जो भले ज्यादा स्वादिष्ट न हो किन्तु पोषण युक्त हो ∣







Comments

Unknown said…
बहुत सुंदर विचार। आप इन मुद्दों पर लिखती रहती हैं, देखकर अच्छा लगता है।
धन्यवाद आपका