वो दिन सच में कितने अच्छे थे न जब सुबह हमारी स्कूल में दोपहर स्कूल में हो जाया करती थी ∣
आज जब हमारी जीवनशैली अच्छी होनी चाहिए तब और खराब होने लगी है ∣ हमारा ज्यादा समय फोन की स्कीन को देखकर ही निकल जाता है ∣ जहां पर हमारा उठना बैठना बहुत कम हो जाता है ∣
स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है इसकी कीमत हमें तब मालूम चलती है ∣ जब हम बीमार हो जाते हैं ∣ हमारा मन किसी काम को भी करने में नहीं लगता है हम केवल आराम की जगह तलाश रहे होते हैं ∣
दिनचर्या का रखें ध्यान
बात चाहे वार्किग डे की हो या रविवार कि हमें अपनी दिनचर्या से किसी भी तरह का कोई खिलवाड़ नही करना चाहिए सब काम को एक निश्चित समय में करना चाहिए ∣
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