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दिनचर्या का हमारे स्वास्थ्य से हैं गहरा नाता


वो दिन सच में कितने अच्छे थे न जब सुबह हमारी स्कूल में दोपहर स्कूल में हो जाया करती थी  ∣ 
आज जब हमारी जीवनशैली अच्छी होनी चाहिए तब और खराब होने लगी है ∣ हमारा ज्यादा समय फोन की स्कीन को देखकर ही निकल जाता है ∣ जहां पर हमारा उठना बैठना बहुत कम हो जाता है ∣ 

 दिनचर्या का है हमारे स्वास्थ्य से सम्बन्ध    

स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है इसकी कीमत हमें तब मालूम चलती है ∣ जब हम बीमार हो जाते हैं ∣ हमारा मन किसी काम को भी करने में नहीं लगता है हम केवल आराम की जगह तलाश रहे होते हैं ∣

दिनचर्या का रखें ध्यान

बात चाहे वार्किग डे की हो या रविवार कि हमें अपनी दिनचर्या से किसी भी तरह का कोई खिलवाड़ नही करना चाहिए सब काम को एक निश्चित समय में करना चाहिए ∣



 



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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..