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सावन के मौसम में इंसान का मन !

 https://drive.google.com/file/d/1f3Lo3UyBCPBUal5ZL55WlJ0UUNyM_emA/view?usp=drivesdk



लोग भी मौसम (season) की तरह बदलते हैं∣ उनके जीवन(life) में भी अक्सर काले बादलों के संकट पड़ते है∣ क ई बार जिंदगी उनको ऐसे मोड़ पर ले आती है , जहां पर उनके लिए रंग का कोई महत्व नहीं जैसे रह जाता है∣ इसके चलते सावन की हरियाली का आकर्षण (attraction) उन्हें कम ही लगता है∣ 

ऐसे मौसम में अक्सर इंसान का मन चंचल सा ह़ो जाता हैं∣ जो कभी बारिश में भीगने की चाहत करता है∣ तो कभी खुद को बारिश से दूर रखने का हर संभव प्रयास करता है∣

बहुत खुशनसीब वो लोग होते हैं∣ जिनके लिए ये सावन का मौसम जीवन जीने के लिए  होता है∣ न बंदिशे होती है किसी भी तरह की, न किसी भी तरह की समय की कमी, एक समय के बाद इंसान के लिए जैसे मौसम का ज्यादा कोई महत्व ही नहीं रहता है ∣


 










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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..