पिता के साथ भले ही हमारी ज्यादा नजदीकियां न हो किन्तु वो हमारे सबसे करीब होते हैं ∣
जब हम अच्छे गलत में फर्क भूलने लगते है तब उनकी कही गयी बातें हमें बुराई से कोसों दूर ले जाती है ∣
वो पिता ही तो होते हैं ∣ जो दुनिया की वास्तविकता से हमारा परिचय कराते हैं कि अगर हमें इस दुनिया में अपनी पहचान बनानी है तो कठिन मेहनत करनी होगी ∣
अक्सर हमें पिता के द्वारा बोली गयी बातें बहुत कड़वी लगती है ∣ हमें लगता है कि ये हमेशा हमें ही चिल्लाते रहते हैं ∣
किन्तु जब हम दुनिया को जीतने चलते हैं तब हमारी सारी गलतफहमियां दूर हो जाती है ∣ पिता की बात समझ में आने लगती है कि खुशी में तो सब हमारे साथ खड़े हुए होते हैं पर बात जब हमारे साथ परेशानी में खड़े होने की होती है ∣ तो बहुत कम ही लोग हमारे साथ होते हैं ∣
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