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काला टीका


बहुत पहले जी टीवी पर एक सीरियल आता था जिसका नाम था 'काला टीका '  जिसमें एक बहन का रंग काला जिसके कारण उसे काली दूसरी बहन का रंग गौरा था इसलिए उसे गौरी के नाम से बुलाया जाता था ∣

 केवल रंग और अंधविश्वास के चलते काली को  अपनी बहन गौरी का काला टीका बनकर आजीवन उसके रहना पड़ता है 


अपने कभी गौर किया है कि भले ही आज हम खुद को  सबके प्रति सम्मान भाव रखने वाला बताते हैं किन्तु अफसोस आज भी रंग के चलते लोगों को अपमान सहना पड़ता है ∣

 ऐसा नहीं है कि केवल लड़कियों को काले रंग की वजह से परेशानी सहनी पड़ती है बल्कि लड़़को को भी अपने रंग के चलते अक्सर शार्मिदा होना पड़ता है

क्यों न आज हम एक नया नजरिया लेकर अपने आस पास के लोगों से मिले उसके प्रति सम्भाव रखें जो इसका हक रखते हैं ∣



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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..