Skip to main content

सीखने के लिए कोई उम्र की बंदिशे नहीं होती


Learning 

 किसी भी चीज़ को सीखने के लिए आमतौर ये माना जाता है कि व्यक्ति जितना बचपन में सीखता है ∣ 

 उतना कोई और उम्र में नहीं किन्तु अगर सीखने वाला और सीखने वाले में  जज्बा हो तो  किसी भी उम्र में कुछ भी बेहतर सीखा जा सकता है ∣

फर्क महज इससे पड़ता है कि इसके प्रति हमारा  नजरिया क्या है ? 

 अक्सर कई बार हमारे ही बीच से कुछ लोग कुछ नया सीखने वाले लोगों का ये कहकर मजाक उड़ा देते हैं कि क्या ये बुढ़ापे में जवानी के शौक पल रहे हो और सामने वाला व्यक्ति अक्सर इसे अपना उपहास मानकर सीखने की इच्छा को वहीं समाप्त कर देता है∣

आज जब हम बदलाव की ओर सब जगह देख रहे हैं ∣ तो फिर बदलाव इस दिशा में क्यों नहीं  #WhyNot

आने वाला समय काफी हद तक उस इंसान का ही होगा जिसमें समय के अनुसार सीखने की प्रवृत्ति बनी रहेगी 

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..