Learning
किसी भी चीज़ को सीखने के लिए आमतौर ये माना जाता है कि व्यक्ति जितना बचपन में सीखता है ∣
उतना कोई और उम्र में नहीं किन्तु अगर सीखने वाला और सीखने वाले में जज्बा हो तो किसी भी उम्र में कुछ भी बेहतर सीखा जा सकता है ∣
फर्क महज इससे पड़ता है कि इसके प्रति हमारा नजरिया क्या है ?
अक्सर कई बार हमारे ही बीच से कुछ लोग कुछ नया सीखने वाले लोगों का ये कहकर मजाक उड़ा देते हैं कि क्या ये बुढ़ापे में जवानी के शौक पल रहे हो और सामने वाला व्यक्ति अक्सर इसे अपना उपहास मानकर सीखने की इच्छा को वहीं समाप्त कर देता है∣
आज जब हम बदलाव की ओर सब जगह देख रहे हैं ∣ तो फिर बदलाव इस दिशा में क्यों नहीं #WhyNot
आने वाला समय काफी हद तक उस इंसान का ही होगा जिसमें समय के अनुसार सीखने की प्रवृत्ति बनी रहेगी ∣
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