कुछ वक्त के साथ
कुछ सख्ती के साथ
आगे बढ़ते चलना
न ए न ए अनुभवों को लेकर
तुम चलते चलना
सीख सबसे लेना अच्छे और बुरे की
पर अनुचित और उचित में फर्क तुम
समझकर अपनी मंजिल के लिए
निकलना,
जानना है अगर हाल खुद का
तो अपने दिल से नहीं दिमाग से पूछना,
है मंजिल दूर मालूम है मुझे
पर जुनून के साथ
उसमें मन लगाकर तुम आगे कदम रखना,
मालूम है मुझे आसान नहीं है राहे जिंदगी की पर
तुम खुद को बनाने के लिए निकलना
थोड़ा दर्द सबको होता है तुम्हें भी होगा,
पर परेशानी देख तुम पीछे मत रूकना ∣
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