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फैशन के बीच पर्यावरण का संरक्षण




फैशन की दुनिया से भले ही हम सीधे तौर सम्बन्ध न रखें किन्तु उसके अनुसार ही खुद को बदलते रहते हैं ∣ 


आज इसी फैशन के दौर एक कपड़े को एक से ज्यादा बार न पहनने की जैसे रीत सी चल आयी है ∣ जिसमें हम खुद को रखने की कोशिश में ये भूल गए हैं कि हमारे जो अलमारी में कपड़े रखें उन्हें भी एक समय हमने फैशन के बीच में ही खरीदें थे  ∣ 

इसी बीच इस पूरी प्रथा को तोड़ते हुए इस बार के एक बड़े अवार्ड कार्यक्रम में एक कलाकार ने अपनी एक ही ड्रेस को दुबारा पहनकर लोगों को ये संदेश देने की कोशिश की कि पर्यावरण के संरक्षण के मुताबिक हमें अपना फैशन रखना चाहिए  ∣ 
हमारे लिए  ये छोटी सी बात हो सकती है लेकिन उनके लिए नहीं जिनके चलने के ढंग से लेकर उनकी कपड़े की चर्चा पूरे मीडिया में रहती है ∣

अब वक्त आ गया है कि एक बार पुन : विचार करने का अपनी अलमारी को खोलकर देखने की हम भी कहीं उसी ओर तो नहीं जा रहे हैं ∣ 


# World Environment Day

 

#Save Environment





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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..