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बाढ़ के चलते अस्त व्यस्त होता जीवन

🌦🌦

बरसात का मौसम शुरू हो गया है ∣ जिसका हम सबको बेसब्री इंतजार था ∣ 

पर इस दुनिया में ऐसे बहुत से लोग है जिनके लिए ये मौसम बड़ा कष्ट दायक होता है ∣ लोग बाढ़ जैसी गम्भीर आपदा का सामना करते हैं जिसमें भारत का राज्य असम हर साल  बाढ़  के चलते जन माल की हानि उठाता है ∣

एक अनुमान के मुताबिक हर साल विश्व में करीब 30,000 से ज्यादा लोग बाढ़ के चलते अपनी जान गंवाते है ∣ अगर हम इसके कारणों पर जाएं, तो इसका एक कारण प्राकृतिक तो दूसरा कारण मानवजनित होता है ∣

हम सब बचपन से सामाजिक विज्ञान में वनों के लाभ पड़ते आ रहे हैं जिसमें वन बाढ़ को रोकने में सहायक ह़ोते है ∣ पेड़ मिट्टी की सतह को बांधे रखते हैं जिस कारण बाढ़ की समस्या काफी हद तक नहीं होती है ∣ दूसरा बारिश के पानी का उचित प्रबंधन जिन राज्यों में नदियों अधिक है ∣  उन राज्यों में इस तरह की व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे नदियों को उफान में आने से बचाया जाएं ∣ 






 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..