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जब आदर्श की बातें केवल किताबों और दीवारों पर रह जाएं



आज एक स्कूल की दीवार पर लिखी एक पंक्ति ने मेरा ध्यान खींचा जिस पर अंग्रेजी में दो पंक्ति लिखी थी जिसका मतलब था कि डिग्री केवल एक कागज का टुकड़ा है ∣ असली शिक्षा हमारा व्यवहार है∣ 

आज के समय में जैसे ये पंक्ति  हम सब डिग्री धारियों को अशिक्षित बता रही है∣ जहां पर आदर्श जैसी क़ोई चीज हे ही नहीं है

आज दुनिया की नजर में सबसे बड़ा मूर्ख वो इंसान है∣ जो सारे नियम कायदे को मानता ह़ो जो ईमानदारी से जीवनयापन करता हो∣ 

आज अगर कोई ऊंचे पद पर  बैठा हुआ  इंसान किसी सार्वजनिक जगह पर भीड़ में खड़ा हो और आम लोगों की तरह वो भी उस भीड़ का हिस्सा हो तो सबसे बड़ा मूर्ख हम उसे ही मानते हैं∣

आज आदर्श जैसी बातें केवल किताबों में दिखाई देती है वास्तविकता से जैसा उसका कोई सरोकार ही नहीं होता है∣ 

आने वाले समय सबके पास डिग्री होगी सबको तकनीक का ज्ञान होगा,पर इसमें अलग वहीं होगा जो अपने उन नियम से चलता हो जो आदर्शवादी भले न हो किन्तु सही हो ∣ 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..