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अभावों में जिंदगी


इस दुनिया में सबको सब चीजें नसीब हो ये बिल्कुल भी जरूरी नहीं होता है ∣ कुछ लोग होते हैं जिन्हें बिना मेहनत के ही सबकुछ मिल जाता है ∣ 

जबकि कुछ लोग अपनी चारों तरफ की परिस्थितियों के चलते इतने ज्यादा लाचार हो जाते हैं कि उन्हें अपना जीवन  बहुत सारे अभावों के बीच जीना पड़ता है ∣ 

इसमें से ही कुछ लोग निकलकर जिंदगी के अभावों के बीच में बहुत कुछ बेहतर कर जाते हैं ∣ 

जो जिंदगी में सबकुछ होने के बावजूद दुनिया के आधी फीसदी लोग करने से डरते है ∣


सबको सबकुछ हाथ में मिल जाएं

ये बिल्कुल भी जरूरी नहीं है ∣

कुछ लोग को इससे पाने के लिए

अक्सर कई लड़ाई लड़नी पड़ती है ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..