दिखावे से नहीं

 


कुछ लोग होते हैं ∣ जो अपने बारे में बताते नहीं थकते  कि मैंने ये किया  , मैने वो किया, मैं इतना महान हूं,मैं किसी की चीज मुफ्त में नहीं रखता हूं ∣

हद तो  तब हो जाती है  जब वो इंसान खुद को सही बताने के चक्कर मैं दूसरे को गलत साबित कर देता है ∣ उसे लगता है कि इस दुनिया में उससे ज्यादा तो कोई महान ही नहीं है ∣

और कुछ चीजो को लेकर व़ो इतना बढ़ा चढ़ाकर बोलता है कि सामने वाला भले शर्म जाएं पर बोलने वाला तो अपनी बात खत्म करके ही आगे बढ़ेगा ∣ 

आज के समय में जब फैशन इतने जल्दी बदल रहा है ∣ जहां पर अगर हम नहीं बदले तो हो सकता है कि पीछे छुट जाएं, ऐसे में हमें ये एक बार ये विचार करने की जरूरत है ∣ कि कहीं हम जरूरत से ज्यादा तो उन चीजों का दिखावा नहीं कर रहे हैं ∣ जो हमारे पास बहुत कम मात्र में है ∣ 

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