प्रेस एक ऐसा माध्यम जो जनता और सरकार के बीच समन्वय बनाने का काम करता है ∣ जो जनता के लिए होता है ∣ उनके प्रति जबावदेही रखता है ∣
जो लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा गया है जिसमें कार्यपालिका, न्यायपालिका और फिर विधायिका है ∣
एक लोकतंत्र वाले देश में प्रेस का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है ∣ जहां ऐसी रिपोटिंग की मांग की जाती है ∣ जो जनता को केन्द्रीत करके की गयी हो ∣ साथ ही जहां जनता ही सबकुछ हो ∣
आज विश्व प्रेस दिवस के अवसर पर हम इसे देखते हैं तो पाते हैं कि आज ज्यादातर देशों में प्रेस की अभिव्यक्ति की आजादी सीमित करने के प्रयास किए जा रहे हैं ∣ जहां पर वो केवल सरकार की आवाज बनकर रह गए हैं ∣ और जो इससे अलग हटकर रिपोटिंग कर रहे हैं ∣ उनके सामने अनेक तरह की परेशानी खड़ी हो रही है ∣
जिससे ं निपटने के लिए जरूरी हो गया है कि पत्रकारों को ऐसे अधिकार दिए जाए जो उनकी आवाज को दबाने वाले कानून का सामना कर निष्पक्ष, निर्भीक पत्रकारिता कर सके ∣
आज वर्तमान समय में अगर हम जनता के प्रति सरोकार रखने वाली पत्रकारिता चाहते हैं तो इसके लिए हमको पत्रकारिता कर रहे लोगों का साथ देने की जरूरत है ∣
आने वाले समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की चुनौती और ज्यादा बढ़ने वाली है जहां उनको समय की कमी, और अधिक बेहतर खबर देने की होड़ में भागना होगा जिसका सिलसिला अभी से चालू हो गया है ∣


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