जीवन में सीखने की प्रक्रिया लगातार चलती रहनी चाहिए जीवन के उतार चढ़ाव के बीच खुद के व्यक्तित्व को निखरने के लिए चीजों को लगातार सीखते रहना चाहिए ∣
हम जितना चीजों को पढ़ते हैं उतना हम नयी नयी चीजों के बारे में जानते हैं ∣
जब हम लगातार लंबे समय तक ये प्रक्रिया अपने जीवन में जारी रखते हैं तब हम बढ़ते हैं सर्जन की उस प्रक्रिया में जहां पर हम एक मूर्त आकार ग्रहण कर पाते हैं ∣
आसान नहीं होता किसी चीज का सृजन चाहे वो कोई लेखक हो या एक मकान बनने वाला दोनों बहुत परिश्रम करने के बाद ही कोई सृजन कर पाते हैं ∣
कई बार जब हम लगातार चलते रह जाते हैं सीखने की प्रक्रिया में तब हम थकावट के बीच एक मधुर रस का पान कर पाते हैं जो होता है संतोष की हमने कुछ सीखा, मुश्किलों के बीच हार न मानकर लगातार चलते रहने का गुरुर सीखा ∣
जीवन के सुख दुख के बीच हम अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार संघर्ष करते रहे किसी की सार्थकता इसमें ही तो छुपी हुई है ∣

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