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लेखन और उसके बीच का संघर्ष



 लेखन एक ऐसा कार्य जिसके लिए अक्सर एक लेखक को बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है ∣ जहां अक्सर शब्द  विवश कर देते हैं ∣ उसे उसके उपयोग के कारण देने को ,जहां लेखक और लेखन के बीच एक कड़ा संघर्ष नजर आता है ∣

क्या आसान होता है लेखन करना ? जहां शब्द को इधर उधर बैठाना अक्सर मुश्किल हो जाता है ∣ हमें लगता है कि लेखन में क्या है इसे कोई भी कर लेगा किन्तु एक लेखक ही जानता है ∣ कि लेखन के लिए उसे कितने पड़ावों से गुजरना पड़ता है ∣

 सर्जन चाहे किसी भी चीज़ का हो वहां पर इंसान को कड़ी मेहनत करनी ही पड़ती है ∣
ऐसी ही नहीं कहलाता किसी का लेखन महान उसके लिए उसे अपने व्यक्तित्व को भी अच्छा करना पड़ता है ∣ जब जाकर एक लेखन अच्छा होता है ∣ 
आज वर्तमान समय एक लेखक के लिए कई चुनौती बढ़ गयी है ∣ जहां पर उसे कम शब्द, कम समय में लोगों को अच्छा ज्ञान देना है और अपने लेखन को पाठकों को पढ़ने के लिए मजबूर करना है ∣

 


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..