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खुद की पहचान खोजते कुछ लोग

 


पहचान महज एक शब्द नहीं अपितु किसी भी इंसान के लिए बहुत जरूरी चीज है ∣ जो ये तय करती है कि वो इंसान वास्तव में क्या है ? उसे किस नाम से जाना जाता है, वो क्या है और वो किन चीजो को पसंद और किन को नापसंद करता है ∣

हम सब लोगों की कोई न कोई पहचान है ∣ जिसके माध्यम से हम अपने घर, परिवार से लेकर समाज में जाने जाते हैं ∣ जिसके कारण हम दूसरे व्यक्ति से अलग हो पाते हैं ∣

इस दुनिया में किसी इंसान की पहचान करने में सबसे पहले ये बात आती है ∣ कि उसका लिंग क्या है ?  उसके बाद उसकी अन्य चीजे देखी जाती है ∣

इस दुनिया में कई लोग ऐसे होते हैं ∣ जिनको हर रोज अपनी पहचान बतानी पड़ती है ∣ तब भी लोगों के द्वारा कहां उनकी पहचान स्वीकारी जाती है ∣

जैसे पूछ रहे होते हैं वो लोग जो न एक स्त्री और न एक  पुरुष कि मेरी पहचान आखिर क्यों कोई पहचान नहीं मानी जाती है ? पुरुष और महिला के बाद एक अन्य काॅलम भी होता है ∣ वहां पर क्यों किसी की नजरे  नहीं जाती है ∣


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..