एक अच्छा साहित्य वहीं होता है ∣ जो सदा जीवंत हो जो समाज के उस परिदृश्य को बताता हो जो कहीं न कहीं हमारे समाज से जुड़ा हुआ हो ∣
इन्ही में से एक है प्रेमचंद की कहानी ईदगाह जो अपने साथ उन लोगों का प्रतिनिधित्व करती है ∣ जो अपना जीवन मध्यमवर्गीय स्तर पर जीते है ∣ इस कहानी का मुख्य पात्र हामिद है ∣
जिसके लिए अपनी खुशियों से ज्यादा अपनी दादी की फ्रिक है ∣ जो उनके के लिए चिमटा लेकर आता है ∣
ऐसा नहीं है कि उसे बाकी बच्चों की तरह खेल खिलौने और मिठाई पसंद नहीं है किन्तु वो अपने जीवन की परिस्थितियों के चलते अपनी उम्र से ज्यादा परिपक्व हो गया है ∣
आज वर्तमान समय में हमारे चारों ओर ऐसे बहुत से बच्चे और लोग मौजूद है जिन पर समय की मार इस तरह से पड़ी है कि वो खिलौने तौ दूर की बात अपने लिए दो वक्त की रोटी भी बड़ी मशक्कत से जुटा पा रहे हैं ∣

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