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ईदगाह कहानी के आज के समय में क्या मायने हैं


 

एक अच्छा साहित्य वहीं होता है ∣ जो सदा जीवंत हो जो समाज के उस परिदृश्य को बताता हो जो कहीं न कहीं हमारे समाज से जुड़ा हुआ हो ∣

इन्ही में से एक है प्रेमचंद की कहानी ईदगाह जो अपने साथ उन लोगों का प्रतिनिधित्व करती है ∣ जो अपना जीवन मध्यमवर्गीय स्तर पर जीते है ∣ इस कहानी का मुख्य पात्र हामिद  है ∣ 

जिसके लिए अपनी खुशियों से ज्यादा अपनी दादी की फ्रिक है ∣ जो उनके के लिए चिमटा लेकर आता है ∣ 

ऐसा नहीं है कि उसे बाकी बच्चों की तरह खेल खिलौने और मिठाई पसंद नहीं है किन्तु वो अपने जीवन की परिस्थितियों के चलते अपनी उम्र से ज्यादा परिपक्व हो गया है ∣ 

आज वर्तमान समय में हमारे चारों ओर ऐसे बहुत से बच्चे और लोग मौजूद है जिन पर समय की मार इस तरह से पड़ी है कि वो खिलौने तौ दूर की बात अपने लिए दो वक्त की रोटी भी बड़ी मशक्कत से जुटा पा रहे हैं ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..