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क्या हो अगर हर रोज एक ही कार्य करना पड़े


जरा गौर कीजिएगा मेरी इस बात पर 

कैसा हो अगर हमें हर रोज एक ही तरह का कार्य करना हो, जहां पर हमारे पास कोई भी विकल्प न हो,  ऐसे में हम में से ज्यादा लोगों का ये उत्तर हो सकता है ∣ 

कि वो काम कितना निस्वाद होगा, जहां हर दिन हमें एक ही तरह का काम करना हो, आज मैं आपको बताने वाली हो वो तरीका जिसके माध्यम से हम हर रोज करने वाले कार्यो में कुछ रंग भर उसमें एक नयापन ला सकते हैं ∣


इसके लिए सबसे पहले तो हमें अपना दिमाग एक चित्त करके ये ध्यान लगना होगा और खुद से पूछना होगा कि हम क्या करना चाहते हैं हमारा लक्ष्य क्या है ? 


उसके बाद शुरू होती है हर रोज करने वाले कार्यों के तरीके में बदलाव करने के लिए संघर्ष, 

इसके लिए सबसे पहले तो हमें खुद के प्रति बहुत प्रतिबद्ध होने की जरूरत है जो एक दिन में नहीं किन्तु जब इस प्रक्रिया में खुद को लाएंगे तो कुछ समय बाद हम प्रतिबद्ध हो ही जाएगें ∣


 *जिसके लिए जरूरी है कि हम किताबों को पढ़ना शुरू करें वो भी उस समय जब हमारे पास समय की अधिकता हो , ऐसे समय में हमें खुद को कुछ नया सीखने की ओर अपना ध्यान लगना होगा 

अपने काम के तरीके को बदलना होगा, बेवजह के भटकाव से खुद को दूर रखना होगा शुरू में ऐसा करना हमारे लिए थोड़ा मुश्किल भर हो सकता है ∣ किन्तु जब हम लगातार ऐसा करते रहेंगे तब हमें एक अच्छी आदत लग जाएगीे 






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