किसी में लिखने की कला होती है, तो किसी में बोलने की, कोई चित्रकारी अच्छी कर लेता है तो कोई गीत को गा लेता है ∣
किसी के हाथों का खाना इतना अच्छा होता है कि उसे लगातार खाते रहने का मन करता है ∣
हम सब में एक कला ऐसी जरूर होती है जिस पर अगर हम काम करें तो वो हमारी पहचान बन जाती है ∣ जिसके नाम से हम पहचाने जाने लगते हैं ∣
बात चाहें लता मंगेशकर की हो, या राजकपूर हो, सब ने अपनी कला को निखरा कर खुद को आगे किया है ∣
साहित्य की कला के महत्व पर निर्मल वर्मा कहते हैं, कि साहित्य में होते तो काले काले शब्द है किन्तु उनमें इस तरह का आकर्षण होता है ∣ कि हम एक समय के लिए अपनी दुख परेशानी को भूलकर उसमें खो जाते हैं और उसमें स्वयं को खोजने लगते हैं ∣
आज वर्तमान समय में अगर हम देखें तो जानेगें, कि आज हमारे पास सब काम के लिए समय है ∣ सिर्फ उस काम के लिए नहीं जो हमें खुशी देती है ∣ पर इसमें कुछ लोग वो भी है ∣ जो अपनी जिंदगी की व्यस्तताओं के बीच खुद के लिए समय निकालते हैं ∣

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