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मेरा क्या कसूर था

 

कहते हैं बेटियां घर की लक्ष्मी होती है बेटी एक घर की शान होती है, उनके बिना एक घर कहां घर सा होता है जैसी और न जाने क्या कहकर  उन्हें विशेष उपमाएं दी जाती है किंतु जब उसी बेटी के साथ कभी कोई अपराध होता है तब क्यों ये समाज चुप रहता है? 

 जब उसके अपने ही लोग  कभी उसे दहेज के चलते  जिंदा जला  देते है , तो कभी मानवता को शर्मसार करते हुए अपने ही लोग के द्वारा उसका स्वाभिमान उससे छिन लेते है  

आए दिन की घटना क्यों सिर्फ यहीं बताती है कि सिर्फ नाम ही है ये बेटी के अनेक व्यवहार तो उसके साथ हमेशा सौतेला ही किया जाता है 

ये सवाल हर नन्ही सी उस जान का है जो माँ की कोख से लेकर इस दुनिया में कही भी सुरक्षित नहीं है  

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..