कहते हैं बेटियां घर की लक्ष्मी होती है बेटी एक घर की शान होती है, उनके बिना एक घर कहां घर सा होता है जैसी और न जाने क्या कहकर उन्हें विशेष उपमाएं दी जाती है किंतु जब उसी बेटी के साथ कभी कोई अपराध होता है तब क्यों ये समाज चुप रहता है?
जब उसके अपने ही लोग कभी उसे दहेज के चलते जिंदा जला देते है , तो कभी मानवता को शर्मसार करते हुए अपने ही लोग के द्वारा उसका स्वाभिमान उससे छिन लेते है ∣
आए दिन की घटना क्यों सिर्फ यहीं बताती है कि सिर्फ नाम ही है ये बेटी के अनेक व्यवहार तो उसके साथ हमेशा सौतेला ही किया जाता है ∣
ये सवाल हर नन्ही सी उस जान का है जो माँ की कोख से लेकर इस दुनिया में कही भी सुरक्षित नहीं है ∣
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