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माई सीरिज

 




माई  नेटफ्लिक्स के द्वारा प्रस्तुत की गई एक सीरीज है ∣ जो एक माँ के संघर्ष को दिखाती है ∣ जो अपनी बेटी के कातिलों से बदला लेने की लिए सारी हदें पार कर देती है ∣ जिसकी आंखों के सामने उसकी बेटी सुप्रिया को ट्रेंक से कुचला दिया जाता है ∣ 

 फिर शुरू होती है भागम भाग जहां एक साधारण परिवार से आने वाली महिला आक्रमक हो जाती है ∣ जिसका उद्देश्य केवल अपने बेटी सुप्रिया के हथियारों को सजा देना है ∣ 

बदले की जंग में वो भी स्वयं कई बार घायल होती है जहां अपने ही परिवारों के लोगों के द्वारा उसे  अपमान सहना पड़ता है ∣  

सीरीज अपने 6 भाग में दर्शकों को चौकते हुए खत्म होती है ∣

अगर आप थ्रिलर मूवी देखना पसंद करते हैं ∣ तो आपको ये मूवी जरूर देखनी चाहिए ∣

इसका मुख्य किरदार माई  की भूमिका (साक्षी तंवर ) ने निभाई है जो इस सीरीज की सबसे दमदार किरदार हैं ∣

इसकी सिनेमेटोग्राफी से लेकर इसकी डायलॉग डिलीवरी काफी अच्छे से की गई है ∣ जो अपने हर डायलॉग में एक गहरा प्रभाव छोड़ती है ∣ जैसे  'बात जितनी ज्यादा फैलाती है अपने काम की उतनी कम रह जाती है ∣



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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..