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शिक्षा के महत्व को बताती है दसवीं मूवी




दसवीं मूवी की कहानी एक सीएम के जुनून पर आधारित है जो एसआईटी की जांच में शिक्षा से जुड़े घोटाले में दोषी पाया जाता है 

जेल में रहने के दौरान वो कुछ घटना से प्रभावित होकर दसवीं की परीक्षा पास करने की सोचता है और यहीं से शुरू होती है मूवी की कहानी जहां एक आठवीं पास सीएम राजनीति की जंग से हटकर अब शिक्षा को पाने की जंग लड़ता है जिसमें उसका साथ जेल के कुछ लोग और
एसपी साहिबा देती है ∣ और वो कड़े संघर्ष के बाद आखिरकार दसवीं की परीक्षा पास करने के साथ चुनावी जंग में भी सफल हो जाता है ∣ किन्तु इस बार वो सीएम न बनकर अपने लिए शिक्षा मंत्री के स्थान का चयन करता है ∣


इस मूवी की पटकथा कहीं कही अल्पनिक सी लगती है जहां एक पात्र बहुत अधिक ताकतवर दूसरा कमजोर दिखाई देता है ∣ तो कही कही मूवी समाज की उस सच्चाई को दिखाने में सफल होती है जो हमारे समाज में आज भी मौजूद है ∣

इसमें अभिषेक बच्चन, यामी गौतम ने अपने किरदार को बखूबी निभाया है
अगर आप कोई नयी कहानी देखने के इच्छुक है तो इस मूवी को जरूर देखें 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..