वर्तमान परिवेश में

 एक तरफ आज गर्मी ने अपनी सभी रिकॉर्ड्स तोड़ दिया है ∣ वही दूसरी तरफ आज देश में  क ई ऐसी परेशानी जन्म ले रही है ∣ जिन पर समय रहते विचार न किया गया तो हालात इससे खराब हो सकते हैं ∣

आज प्रकृति के स्त्रोतों का दोहन जिस तरह से हो रहा है ∣ ऐसे में अगर हमनें  समय रहते कुछ नहीं किया तो  वो दिन दूर नहीं जब हम केवल परेशानियों के गिरफ्ता में होगें ∣

आज हम सबको को पानी की बचत, जंगलों को खत्म करने की प्रथा पर जोर देने की जरूरत है ∣

आज जिस तरह से पानी के भूमिगत स्थल और प्रकृति स्थल खत्म हो रहे हैं हम सब को पानी का पुनः चक्रण कर उसका उपयोग करने की जरूरत है ∣

भविष्य में पानी, खाद्य के लिए मानव को सबसे ज़्यादा संकट का सामना करना पड़ा सकता है ∣ जिसके लिए मजबूत आधार अभी से बनाएं दिए जा रहे हैं ∣ हमें अपनी आवश्यकताएं सीमित करनी होगी ∣

" किसी भी चीज़ का अतिदोहन हमें नुकसान पहुंचा सकते हैं इसलिए अब सोचने के साथ इसके लिए कुछ करने का वक्त आ गया है ∣

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