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वर्तमान परिवेश में

 एक तरफ आज गर्मी ने अपनी सभी रिकॉर्ड्स तोड़ दिया है ∣ वही दूसरी तरफ आज देश में  क ई ऐसी परेशानी जन्म ले रही है ∣ जिन पर समय रहते विचार न किया गया तो हालात इससे खराब हो सकते हैं ∣

आज प्रकृति के स्त्रोतों का दोहन जिस तरह से हो रहा है ∣ ऐसे में अगर हमनें  समय रहते कुछ नहीं किया तो  वो दिन दूर नहीं जब हम केवल परेशानियों के गिरफ्ता में होगें ∣

आज हम सबको को पानी की बचत, जंगलों को खत्म करने की प्रथा पर जोर देने की जरूरत है ∣

आज जिस तरह से पानी के भूमिगत स्थल और प्रकृति स्थल खत्म हो रहे हैं हम सब को पानी का पुनः चक्रण कर उसका उपयोग करने की जरूरत है ∣

भविष्य में पानी, खाद्य के लिए मानव को सबसे ज़्यादा संकट का सामना करना पड़ा सकता है ∣ जिसके लिए मजबूत आधार अभी से बनाएं दिए जा रहे हैं ∣ हमें अपनी आवश्यकताएं सीमित करनी होगी ∣

" किसी भी चीज़ का अतिदोहन हमें नुकसान पहुंचा सकते हैं इसलिए अब सोचने के साथ इसके लिए कुछ करने का वक्त आ गया है ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..