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बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन



आज गर्मी ने अपने 120 सालों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए है∣ जिसने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है∣

जिसका कारण जलवायु परिवर्तन है जलवायु परिवर्तन दो तरह के होते हैं एक प्राकृतिक तो दूसरा मानवीय क्रियाकलाप से होने वाला

मानवीय कारणों में ग्रीनहाउस गैसों और वैश्विक तापन शामिल  है∣ जो कि मानवीय क्रियाओं के फलस्वरूप होता है∣ जिसके परिणामस्वरूप आज गर्मी ज्यादा और ठंडी कम होने लगी है∣

वहीं हम बात करें, गर्मी की तो जब धरती पर पानी का रिसाव कम होने लगता है तब हमें ज्यादा गर्मी महसूस होती है∣ आज पानी के प्राकृतिक स्त्रोत के साथ ही भूगर्भीय स्त्रोत खत्म होने की कगार पर है∣ जहां शहरों में ही नहीं अब गांवों में भी पानी की समस्या उत्पन्न हो गयी है∣

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में इस बार तापमान सामान्य से 7 डिग्री हैं∣ हिमाचल के कुल्लू में मंगलवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री दर्ज हुआ जो पहले  24 डिग्री तक ही रहता  था∣  गर्मी की वजह से उत्तराखण्ड के जंगलों में एक हफ्ते से जगह जगह पर आग जल रही है जो बुझने का नाम नहीं ले रही है∣


आज जलवायु परिवर्तन के चलते जहां ऋतु परिवर्तन का चक्र अस्त व्यस्त हो रहा है∣ वहीं दूसरी तरफ कई रिपोर्टे हम सब का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है ∣ जिनमें जलवायु परिवर्तन पर अंतर -सरकारी पैनल (IPCC)  रिपोर्ट है∣ जिसने अपनी रिपोर्ट के छठे आकलन में क्लाइमेट चेज 2021: द फिजिकल साइंस बेसिस शीर्षक जारी कर ये बताया है∣ कि वर्ष 2050 तक  वैश्विक शुद्ध-शून्य तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक बनाए रखने के लिये न्यूनतम आवश्यकता है।






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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..