समय प्रबंधन के बीच युवा

 


ये वही युवा है जो कभी सड़कों पर, कभी किसी
नेता की रैली में शुमार होता है ∣ ये वही युवा है जो अनेक सम्भावनाओं के बीच जीवन को जीत है ∣ ये आंदोलन में दिखाई देता है, तो वोट देने से लेकर किसी सभागार में बैठे किसी विशेषज्ञ की बात को सुनता है ∣ 

ये वही युवा है जिसे आशा की उम्मीद से पूरा देश देख रहा है ∣ आज देश के युवा दो धड़ो में विभाजित हो गए है ∣ एक वो है जो सरकारी नौकरी की तलाश में इधर उधर भटक रहे है ∣ दूसरे वो है जो पेशेवर शिक्षा को ग्रहण कर रहे है जिसमें कभी उन्हें  ढेरों सम्भावनाएं कभी निराशा नजर आती है ∣

आज उस युवा की परेशानी वैश्वीकरण के युग में और ज्यादा बढ़ गयी है जहां एक तरफ फोन के नोटीफिकेशन उसके सुकून को छिन रहे हैं वही दूसरी तरफ वो अपने बनाएं गए नियम पर खरा नहीं उतर पा रहा है ∣ 

आज समय प्रबंधन जैसी चीज तो उसके जीवन में रही नहीं गयी है उसे अपने जरूरी काम के लिए वक्त नहीं मिल रहा है बाकी सभी चीजो के लिए उसके पास वक्त ही वक्त है ∣

आज वो उस कटघरे में आकर खड़ा दिखाई दे रहा है जहां वो जिस तरफ जा रहा है खुद को अकेला पा रहा है ∣ आज जरूरत हो चुकी है उस युवा को जाग्रत करने की जो किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी और उस देश का वर्तमान और भविष्य है ∣

 

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