वो दृश्य कितना भयावह होगा



युद्ध क्या है? इससे हम सब भली प्रकार से अवगत है ∣
 जिसमें प्रथम युद्ध से लेकर सन् 1945 के द्वितीय विश्व युद्ध को कौन भूल सकता है जिसने कितने लोगों को मौत के मुंह में डाला, तो कितनों को घायल कर डाला. 
 
जब हुआ युद्ध धरती पर तब तब सबसे ज्यादा 
चोट आखिर किसने खाई थी एक राजा की मृत्यु के बाद  राज्य की हार देखकर न जाने कितनी  रानियों  ने अपनी दासी संग जौहर करने के लिए अग्नि कुण्ड में छलांग लगाई थी, कैसे भूला जा सकता है वो दृश्य जब एक गर्भवती माँ ने अपनी आने वाली संतान संग जौहर करने की मन में ठानी थी 


आज हम समय के साथ आधुनिक तो हो ग ए किन्तु सभ्य होना तो जैसे अभी भी बाकी है ∣ 
संवेदना जैसे जर्जर सी हो गयी है हमारी  
विज्ञान के दुरुपयोग की जैसे हमने पहली दुर्गति देखी थी ∣
क्या मिलेगा इस युद्ध से कौन जानें , 
पर इस युद्ध के चलते कितने बच्चे अनाथ हुए थे  इसकी खबर आखिर किसने ली थी
हो गयी थी रक्त से रंजित धरती न जाने कितनी नयी नवेली दुल्हन की मांग संवारने से पहले ही  सूनी हो गयी थी.


" वो दृश्य कितना भयानक होगा जहां चारों तरफ सिर्फ हो लाशें ही लाशें होगी , जहां एक नन्ही सी जान अपनी मां को घेरे हुए बैठी होगी जिसे नहीं मालूम होगा कि उसकी माँ अब इस दुनिया में नहीं रही."


Comments

Shivam Sharma said…
बहुत सुंदर लिखा है।