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गुमनाम हो जाती तु कही पर




कितनी भी परिभाषा गढ़ ले
तेरी कामयाबी पर
पर तेरे अस्तित्व के लिए
तु कितना संघर्ष करती है
घर और बाहर की जिम्मेदारी निभाते हुए
तु अक्सर खुद ही गुमनाम हो जाया करती है∣

बहुत होती बातें तेरे चलने ,बैठने पर
पर तुझें क्या आराम करने की भी फुर्सत मिलती है

फिर भी अपनी ख्वाहिश को पूरा की करने चाह
तो तु अपने अंदर ही दफन
कर लेती है ∣

दूसरों को खुश करने की कोशिश
में खुद को खुश करने का हौसला तु
नहीं जुटा पाती है
सबकी फरमाइश पूरी करते करते अपने आप को ही
भूल जाया करती है
अक्सर जब बात तेरी खुशियों कि आती है
तो तु गुमनाम कही पर हो जाया करती है ∣




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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..