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प्रतियोगिता वाले दौर में

 



आज का दौर बड़ा प्रतियोगिता वाला है जहां हर जगह एक रेस लगी हुई है  जहां चारों तरफ किसी न किसी चीज के लिए लोग भागते हुए नजर आ रहे हैं ।
जो रोजगार की तलाश में यहां से वहां भाग रहे हैं जहां उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी आर्थिक
 समस्या  बनकर  उभरी है न वो अपना भरण पोषण कर पा रहे हैं न अपनों का काम न होने के चलते वो लोग बेरोजगार हो ग ए है।
आज वर्तमान समय में युवाओं के सामने बहुत सारी चुनौतियां है जिससे वो खुद को चारों तरफ से घिरा हुआ पाते हैं अगर वो इन सब परेशानी से निकलकर कुछ करना चाहते हैं तो इसके लिए बहुत जरूरी है उन लोगों में प्रतिबद्धता का मूलभूत गुण होना,  तब भी वो कुछ काम कर सकते हैं ।


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..