हम अक्सर दूसरे लोगों से तो मोहब्बत कर लेते हैं पर स्वयं से करना भूल जाते हैं दूसरे के लिए अपनी जान छिड़कते है खुद पर कुर्बान होना भूल ही जाया करते हैं ∣
जबकि असल में हमें अपने आप से भी मोहब्बत उतनी ही करनी चाहिए जितना हम अपने आशिक से करते हैं ∣ पर अफ़सोस हम तो केवल सारा त्याग अपने चाहने वाले के लिए करते हैं ∣
हम सबको अपनी खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए वो आत्मविश्वास होना चाहिए जो हमें एक ताकत वर शख्स के रूप में दुनिया के सामने पेश करें ∣
हमारा चलने और बोलने का एक अलग ही अंदाज हो जो सबसे बेहतर हो जिस दिन हम स्वयं से बेपनाह मोहब्बत करने लगें उस दिन दुनिया की कोई चीज हमें हरा नहीं पाएगी ∣
आज समकालीन समय में हम किसी सुंदर सी शख्सियत को देखकर इतने मंत्रमुग्ध हो जाया करते हैं कि हम स्वयं से प्रेम करने भूल ही जाया करते हैं उस समय हम स्वयं को कम आंकने लगते हैं और जिसके चलते हमारे आत्मविश्वास में कमी आने लगती है ऐसा करते वक्त हम ये भूल जाया करते हैं ∣ कि इस दुनिया में हर इंसान खूबसूरत है सब में ऐसी कोई सी बात है वो केवल उस में है ∣
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