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सबसे बुरा वो दृश्य होता है


सबसे बुरा  होता है एक अस्पताल में एक मरीज बनकर जाना जहां चारों तरफ सिर्फ रोगी हो 

जहां कोई मरीज अपने सिर के दर्द से परेशान हो, तो कोई 
सर्दी जुखाम से, जहां छोटे छोटे 
बच्चे जैसे अपनी मां की गोद  से ऐसे भाग रहे हो, जैसे अब उन्हें न तो
डाॅक्टर से तो सुई लगवानी है और न ही गोलियां खानी है ।
जो कोरोना वायरस की महामारी से भले अनजान हो, किन्तु चारों तरफ लोगों को मास्क पहने जैसे पूछ रहे हो, कि आखिर क्या हुआ ऐसा जिसने लोग को बीमार कर दिया , जहां न सिर्फ अस्पताल, बल्कि  क्लीनिक में भी  सिर्फ मरीजों का जमावड़ा है। 

इस महामारी में सबसे ज्यादा अगर किसी की जिंदगी में कोई असर पड़ा तो वो शायद वो लोग है जो जिनका काम निश्चित नहीं  , जिनका  वेतन ज्यादा नहीं जो मध्यम वर्ग से भी नीचे है ।  

, एक तरफ जहां अमीरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ गरीब वर्ग और गरीब होता जा रहा है ।
अब उसकी लड़ाई और ज्यादा बढ़ गयी है जिसमें   उनका खर्च बढ़ गया अस्पताल के खर्च से, वो जितना धन अर्जित नहीं करता उससे ज्यादा वो धन का व्यय कर देतें है ।

  

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..