सृजन के लिए

 


किसी भी चीज़ का निर्माण ऐसे ही नहीं हो जाता है उसके लिए व्यक्ति को बहुत मेहनत करनी होती है ∣ क ई बार तो ऐसा भी होता है कि उस काम के लिए व्यक्ति को अपने
आराम को भी त्याग करना होता है ∣

सृजन किसी भी चीज़ का हो उसके लिए अत्यधिक समर्पण की आवश्यकता होती है ∣ यहीं तो होता है सृजन चाहे एक मकान को 


 हो ,या कि साहित्य की रचना करना हो दोनों के लिए बहुत ज्यादा परिश्रम शील होना जरुरी होता है ∣

क ई बार तो घोर संघर्ष के बीच कोई सृजन होता  है ∣

सृजन करने के लिए
अक्सर व्यक्ति को अथक परिश्रम
करना होता है ∣
ऐसे ही नहीं होता
किसी चीज का निर्माण
क ई बार इसके लिए
व्यक्ति को खुद को खोना होता है ∣

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