अक्सर किसी लेखन की बेहतरी को इस बात से मापा जाता है कि उस लेखन का प्रभाव लोगों तक कितना हो रहा
है ∣ लोग उसे कितना जुड़ रहे हैं ∣
लेखन तो हर कोई करता है महज फर्क इससे होता है कि उस लेखन की विश्वसनीयता कितनी है ∣ वो लोगों से कितनी जुड़ी हुई है ∣ लोग उससे प्रभावित हो रहे हैं कि नहीं
हमारे लेखन का उद्देश्य क्या है? वो किस को लक्ष्य करके लिखा
जा रहा है ∣
वो क्या अपने पाठक को पढ़ने के लिए मजबूर कर रही है कि नहीं एक पाठक की जिज्ञासा उसे पढ़कर खत्म हो रही है कि नहीं इन सभी बातों से निर्भर करता है कि एक अच्छा लेखन
क्या है क्या नहीं ∣
आज समकालीन समय में लेखन तो बहुत किया जा रहा है किन्तु उसके पढ़ने वाले की संख्या कम सी हो गयी है ∣
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