हम सब ने अपने बचपन में कभी न कभी नैतिक शिक्षा की किताब जरूर पढ़ी होगी∣ ये वही नैतिक शिक्षा है जिसकी कहानी पढ़ते हुए अक्सर हम
उस कहानी के नीचे दी हुई शिक्षा जरूर पढ़ते थे∣ जिसमें ये लिखा हुआ होता था
कि लालच बुरी बला है, विनम्रता हमारा सबसे बड़ा गुण है, चोरी करना बुरी बात है, एकता में बल है, ईमानदारी ही मनुष्य का सबसे बड़ा गुण है ∣
जैसी अनेक कहानी हमने पढ़ी है जिसमें एकता में बल जैसी कहानी हमें आज भी मुंह जुबानी याद है ∣
अब आप कहेगें कि मैं आज ये क्या विषय लेकर बैठ गयी नैतिक शिक्षा
अपने कभी गौर किया है कि जब हमारे घर पर कोई मेहमान आता था तो अक्सर हमारे घर के बड़े लोग
हमें उनसे नमस्ते कहने को बोलते थे ∣ बचपन में तो हम बोल भी देते थे ∣ पर जैसे जैसे हम बड़े होते गए हम ने ये सब करना ही भूला दिया
और हम उनके सामने बड़ी शान से अपने फोन में व्यस्त होने का
दिखावा करने लगे∣ इस बात को जानते हुए कि दूसरे के सामने फोन चलाना उससे बात न करने का संकेत दिखाता है किन्तु जब ऐसा ही हमारे साथ हमारे दोस्त द्वारा किया गया तो हमें ये बहुत बुरा लगा जिसके कारण हमने अपने उस दोस्त से दूरी बना ली∣
तब उस समय हमें एहसास हुआ की हमारा वो
व्यवहार कितना गलत था जो हमने दूसरों के साथ किया∣
आज समकालीन समय में हमने भले ही कितनी पढ़ाई कर ली हो, कितने महान लोगों को पढ़ लिया हो पर अगर हमारे पास नैतिक शिक्षा नहीं
तो हमारे पास अपार ज्ञान होने के बावजूद विनम्रता का गुण नहीं है जो हम में होना सबसे जरूरी है ∣
ऐसा नहीं है इस दुनिया में नैतिक शिक्षा का पालन करने वाले लोग नहीं है किन्तु उनका प्रतिशत बहुत कम है जिससे बढ़ाने की जरूरत है∣
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