Skip to main content

अभिव्यक्ति की आजादीे

 अभिव्यक्ति की आज़ादी

भारत का संविधान  नागरिकों को मौलिक अधिकार के 


अनुच्छेद 19( 1) के तहत अभिव्यक्ति की आज़ादी का अधिकार देता है ∣ 

जो उन्हें भाषण  देने ,अपने विचार व्यक्त करने की पूर्ण स्वतंत्रता देता है ∣

किन्तु इस अधिकार का उपयोग करते समय कुछ बातें ध्यान देने योग्य है ये अधिकार प्रयोग करने वाले व्यक्ति की एक सीमा निर्धारित की गयी है ∣ जिसमें व्यक्ति को अपने विचारों के द्वारा ऐसा कोई भी वाक्य नहीं बोलना है जो किसी धर्म, जाति, लिंग के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाएं  ∣ 


आज समकालीन समय में हमें  अपने इस अधिकार का उपयोग करते समय इस बात पूर्ण रूप से ध्यान रखना है कही हमारे द्वारा कही गयी बातों का असर किसी व्यक्ति की भावनाओ को बुरा तो नहीं पड़ रहा है  ∣

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..