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जिंदगी क्या है

 

जिंदगी इन पत्तों की तरह  होती  है ∣ जिसका पेड़ पर  केवल तब तक ही अस्तित्व है ∣ जब तक वो हरि है ∣

हम सब इस दुनिया में किसी न किसी उद्देश्य से इस धरती पर आए है ∣ जिसको पाने के लिए हम हर दिन परिस्थितियों से लड़ते हैं भागते है.इस दौड़भरी दुनिया में जहां हम क  ई बार गिरते  तो क ई बार उठते हैं ∣


जिंदगी यही तो होती है सयम पूर्ण होकर समय का सदुपयोग करना जहां  पर घड़ी की सुई जैसे हम से कुछ कहती है ∣

मैं सब को 

सिर्फ 24 घंटे देती हूँ किन्तु मुझे शिकायत कम को ही होती है ∣ जो समय का सदुपयोग करना जानते हैं जिनके लिए हर दिन समय के साथ अपने काम को करते जाना जैसे होता चुनौती है ∣

 

" जिंदगी है अनिश्चितता के भवर में निश्चित करती हुई सफलता अगर हम उसे पाने के लिए तन मन से निष्ठा पूर्ण हैं "∣


जिंदगी के उस नियम को समझो जो हमें अनुशासन पूर्ण जिंदगी जीने को मजबूर कर रहा है ∣ जिसके लिए हमें बहुत अनुशासित होना है ∣


आज समकालीन समय में हम सब के पास ऐसे उपकरण है जिनका उपयोग करके हम सफलता को प्राप्त कर सकते हैं ∣

हम जिंदगी के हर पहलू को समझने के बावजूद कुछ नहीं करने का मन बना लिए है ∣ हम  में से ज्यादातर लोग आज असीमित साधनों के बावजूद और साधनों की लालसा में जिंदगी को जी रहे हैं ∣

जबकि जिंदगी का मतलब ही समय की कमी और सीमित साधना के बीच खुद को तैयार करना है ∣

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