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शब्दों की दुनिया में भाव का महत्व

 

   अ ह मि य त


शब्द की अहमियत हमारे जीवन में उतनी ही है जितनी की भाषा है जिसके बिना एक मनुष्य कोई भी
सृजन नहीं कर सकता है ∣


आज भी जब लोगों में इस विषय को लेकर बहस छिड़ी होती है कि भाषा पहले आयी की समाज तो
इसमें ज्यादातर लोगों का ये ही मत होता है कि समाज पहले आया और वो इसके पक्ष में बड़े - बड़े
तर्क प्रस्तुत करने लगते हैं जबकि इसका वास्तविक उत्तर भाषा है


अगर हम इतिहास में जाकर देखें, तो पाएगें कि समाज से पहले संचार क्रांति आयी

और अगर बात हम शब्दों की दुनिया में भाव की करें तो 

आज समकालीन समय में लोगों के बीच अक्सर उनके शब्द और भाव के बीच अंतर दिखाई देता है ∣


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..