Skip to main content

विचार

 


हम में से क ई लोग ऐसे होते हैं। जो भले परीक्षा के पहले कुछ तैयारी न करे किन्तु परीक्षा आते ही सबकुछ बेहतर करने की सोचते हैं। 

किन्तु ऐसे में क ई बार कुछ लोग उनकी  परीक्षा में वो बेवजह के काम सौपते  है  ये कहकर की तु पढ़ता ही क्या है, चल मेरे साथ और सामने वाला अपनी अगंभीरता के कारण अपने काम को सिर्फ निपटाने जैसा करता है। पर उसके दिल में भी  इच्छा  होती है  जिंदगी की रेस में आगे निकलने की पर अफ़सोस उसे अपनी अगंभीरता का मूल्य एक अरसे के बाद ज्यादा चुकाना पड़ता है ।

आज समकालीन समय में  हम सब को अपनी उन चीज़ों के लिए गम्भीर होने की जरूरत है जो न सिर्फ हमारी आज बल्कि कल की भी जरूरत है जिसमें हमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने की बहुत आवश्यकता है नहीं तो हम न केवल अपने काम से बल्कि अपने विचारों से भी अगम्भीर बन जाएंगे ।



Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..