सब कुछ बढ़िया है न

 


अक्सर हम अपने जीवन की उस खुशी के पल को जीना भूल जाते हैं जिस पल हमारा

स्वास्थ्य अच्छा होता है ∣ और हमारा दिमाग हमारे वश में होता है ∣

उस समय हमें उसकी बिल्कुल भी इज्जत नही होती है ∣ हमें लगता है कि हम तो केवल लड़ाई लड़ रहे हैं जिससे अब हम थक चुके हैं हमारी जिंदगी में अब कोई उत्साह का विषय ही नहीं है ∣

किन्तु इसके विपरीत जब हम देखते हैं कि हमारा स्वास्थ्य 

लगातार गिरावट की ओर संकेत कर रहा है ∣ और अब    हम एक नयी लड़ाई लड़ रहे हैं जिसमें अब हमारा स्वास्थ्य हमारा साथ नहीं दे रहा है ∣ तब हमें इसकी कीमत समझ में आती है ∣  


जिंदगी में दुख और सुख का आना लगातार जारी रहता है किन्तु हम जब सुख के पल को जी रहे होते हैं तो हमें उसकी कदर नहीं होती है तब हम अक्सर ऐसे विषय की चिंता में लग जाते हैं जिसका आज से कोई सम्बन्ध ही नहीं है ∣

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