जिंदगी हमारे मुताबिक नहीं चलती

 


  हम जिंदगी के एक ऐसे मोड़ पर आ खड़े हो जाते हैं ∣ जिस जगह हमारी परिस्थिति हम से बिल्कुल  विपरीत हो जाती है ∣ हम समझ ही नहीं पाते हमारे साथ क्या हो रहा है ? 

ओर हमारे सिर  पर जिम्मेदारी  बढ़ सी जाती है ∣

जहाँ एक समय तक हम अपने विचारों से ही नहीं निकल पाते और हमारी परिस्थितियां पूरी तरह से बदल जाती है ∣

 तब हम समझते हैं जिंदगी की सामान्य परिस्थितियां और असामान्य परिस्थिति के बीच का  फर्क  जिसमें हमें अपने सामान्य जीवन   की बिल्कुल कदर नहीं होती है ∣

किन्तु जब जिंदगी में ऐसी परिस्थितियां आ खड़ी हो जाती है जहाँ पर एक तरफ हमारे सपने दूसरे तरफ हमारे अपने होते हैं ∣ वहाँ पर हमारी लड़ाई एक न ए सिरे से शुरू होती है ∣

तब मालूम चलता है जिंदगी में सच्ची परीक्षा कौन सी होती है ∣

ये जिंदगी भी कितनी अजीब है न

जहाँ हम सोचते हैं जिंदगी खत्म होती है हमारी

वही से हमारी जिंदगी शुरू होती है ∣

इम्तिहान जिंदगी के ऐसे 

शुरू होते हैं

जिसके शुरू और खत्म होने की तिथि हमें मालूम 

ही नहीं होती है ∣

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