कितना अजीब है न ये संसार का नियम, जहाँ सामने कोई आपसे आपके हालात नही पूछता है ∣
समय बदलता जाता हैं दोस्ती कब दुश्मनी में बदल जाती है जैसे मालूम ही नहीं लगता है ∣ अक्सर मुसीबत के समय ही शत्रु हमारी चौखट पर आकर जैसे हमारे जख्म पर मरहम लगाते हैं ∣ जो कहते थे कि तुम्हारे दरवाजे नहीं आएगें वो भी तब बुरे वक्त में हमारा साथ निभाते हैं ∣
तब दोस्ती और दुश्मनी की रेखा कम सी हो जाती है जब अक्सर हम कठिन परिस्थितियों में फंस जाया करते हैं ∣
दुआ की जरूरत होती है एक समय सबको, तब ये जिंदगी की वास्तविकता काफी नजदीक से हमें मालूम चलती है ∣
क्या आसान होता है जिंदगी को जीना ये कुछ परिस्थितियाँ जैसे हमको बताती है?
कुछ दिन में ऐसे बदल जाती है हमारी जिंदगी जैसे वो तो कभी हंसना ही नहीं जानती है ∣
सबसे मुश्किल वक्त कौन सा होता है ये परिस्थितियां जैसे हमको बताती है आसान नहीं होता जिंदगी को जीना हर कठिन परिस्थितियों में जहाँ अक्सर हालात के आगे हमारी हार होती है ∣
"जिंदगी जीना बिल्कुल भी आसान नहीं जैसे हमको हर कठिन परिस्थितियां बताती है समय के साथ कितने बदल जाते हैं हम अक्सर ये हमारी सोच बताती है ∣''
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