ऐसे ही नहीं किसी

 

     

अक्सर किसी खास शख्सियत का जन्म
ढेरों तूफान के बीच में होता है

जब होता है कठिन संघर्ष
उसके जीवन में 

तब ही तो कोई शख्स
सही रूप में ढलता है

काली रात जब होती है
तब ही तो उसे चीरता
सूरज का प्रकाश होता है ∣

ढेरों आपदाओं को सहकर ही तो
एक व्यक्ति अनुभवी
होता है ∣

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