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जिंदगी को जीओं एक उत्सव की तरह





किसी भी त्यौहार के आते ही  चारों तरफ चहल पहल दिखाई देने लगती है ∣ लोग एक बार फिर अपने रिश्ते को मजबूत करते हुए दिखाई देने लगते हैं  ∣ 

 

 ये त्यौहार ही तो होते हैं जो हमें जोड़ते हैं अपने से, हमारे अपनों से, जहाँ पर एक बार फिर हम रिश्ते की अहमियत समझते हैं ∣


हमारी जिंदगी भी एक उत्सव सी होती है ∣ वहाँ पर हम 

सुख और दुख दोनों चीजों का स्वाद लेते हैं जहाँ पर हम

थोड़े ही समय में अपनों से  घुल मिल जाते हैं 

जहाँ पहले शिक्षक होते हैं हमारे  माँ, बाप जो हमें बेस्वार्थ  स्नेह देते  हैं जिनके स्नेह की छाव में हम बढ़ते हैं ∣  शुक्ल पक्ष की भांति जहाँ हम संस्कार और जीने की कला को सीखते हैं∣ 

क्यों न हम अपनी जिंदगी को एक उत्सव की तरह देखें जहाँ पर हम हर छोटी - छोटी खुशी पर खुश होवे जिंदगी में ढेरों परेशानी के बीच सकरात्मकता का साथ न छोड़े , चलों जिंदगी को एक उत्सव सा मनाने की तैयारी में लग जाए ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..