Skip to main content

दया का भाव

 



अक्सर हम कुछ दृश्य को देखकर बहुत भावुक सा हो जाते हैं ∣ कब हमारी आंखों से आसूं की धारा बहने लगती है ∣ हमें मालूम ही नहीं चलता है ∣ तब हम में से कुछ लोग ऐसे लोगों को भावना में बेहने वाला बताते हैं ∣ जबकि ऐसा होता नहीं है ऐसे लोग दूसरे लोगों से ज्यादा मजबूत होते हैं ∣ क्योंकि वो दूसरे के दर्द को समझते हैं ∣

दयालु मात्र एक शब्द नहीं होता बल्कि मानव सभ्यता को बेहतर बनने के लिए एक जरूरी चीज होती है ∣ जो व्यक्ति को एक बेहतर इंसान बनने में मदद करती है ∣

दया का भाव जिस व्यक्ति में होता है वो वास्तव में एक महान इंसान होता है ∣ जिसका भाव होता है  प्राणि मात्र के लिए, जीव जन्तु के लिए, छोटे बच्चे के प्रति भी हमें स्पष्ट रूप से दिखाई देता  है ∣

आज समकालीन समय में  मानव सभ्यता को  एक बार फिर अपने अंदर छुपा दया भाव  निकालना   है ∣ जिससे वो आने वाली पीढ़ी को कुछ बेहतर चीज दे सके ∣

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..